अभी कल ही की बात है .सुब कुछ अपना सा लगता था लेकिन आज न जाने क्यों सुब कुछ बदल गया है । कल तक जो लोग देशी और विदेशी के नाम पर भोडा नाच कर रहे थे उनका मन अब बदल गया है। इसलिए नही की अब सोनिया जी भारतीय मूल की हो गई है बल्कि इसलिए क्युकी अब वो गैरो पर भी रहम दिखाते हुए मंत्री मंडल में उन्हें भी जगह दे रही है जो कभी उनके धुर विरोधी रहे है। अब देखना है की अवसर वादियो की यह दोस्ती देश की जनता के साथ कितना वफ़ा निभा पाती है।
Sunday, June 7, 2009
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8 comments:
राजनीति में जो दिल से नहीं दिमाग से काम लेता है वही माहिर राजनीतिज्ञ होता है !
कृपया वर्ड वैरिफिकेशन की कष्टकारी एवं उबाऊ प्रक्रिया हटा दें ! यूँ लगता है मानो शुभेच्छा
का भी सार्टिफिकेट माँगा जा रहा हो । इसकी वजह से पाठक प्रतिक्रिया देने में कतराते हैं !
बहुत ही आसान तरीका :-
ब्लॉग के डेशबोर्ड पर जाएँ > सेटिंग पर क्लिक करें > कमेंट्स पर क्लिक करें >
शो वर्ड वैरिफिकेशन फार कमेंट्स > यहाँ दो आप्शन होंगे 'यस' और 'नो' बस आप "नो" पर टिक
कर दें >नीचे जाकर सेव सेटिंग्स कर दें !
आज की आवाज
क्या फ़र्क पड़ता है
http//:gazalkbahane.blogspot.com/या
http//:katha-kavita.blogspot.com पर कविता ,कथा, लघु-कथा,वैचारिक लेख पढें कृपया वर्ड वैरिफिकेशन की कष्टकारी एवं उबाऊ प्रक्रिया हटा दें
achha hai
swagat hai......
अरे,शशि जी आप भी हमारे माटी की पौध हैं---बहुत अच्छा लगा
आपकी लेखनी पढकर अच्छा लगा, पत्रकार हैं, ऐसे ही लगे रहिये
सुनील पाण्डेय
इलाहाबाद- नई दिल्ली
09953090154
आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . आशा है आप अपने विचारो से हिंदी जगत को बहुत आगे ले जायंगे
लिखते रहिये
चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है
गार्गी
ये राजनीती है आधुनिक भारत की.............. आगे आगे देखिये होता है क्या
swagat hai......
beti ke future ka sawal hai baba. narayan narayan
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